गरुड़ पुराण के अनुसार इन 4 लोगों के घर कभी न करें भोजन, वरना जिंदगी में आ सकते है दुःख व संकट

सनानत धर्म में गरुड़ पुराण का बहुत बड़ा महत्व है। इस पुराण के अधिष्ठाता देव भगवान विष्णु हैं और इसे 18 पुराणों में से एक माना जाता है। इसमें भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार, यज्ञ, दान, आदि शुभ कर्मों का वर्णन किया गया है। साथ ही इसमें मानव जीवन के कल्याण के लिए आयुर्वेद, नीतिसार आदि विषयों का वर्णन विस्तार रूप से बताया गया है। गरुड़ पुराण के अनुसार, कुछ लोगों के यहां भूलकर भी भोजन नहीं करना चाहिए। एक कहावत है- जैसा खाएगा अन्न, वैसा बनेगा मन। कहने का मतलब है, जैसा इंसान खाता है, वैसा उसका मन बन जाता है और पाप का भागीदार भी बनता है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण में किन लोगों के यहां भोजन करने से मना किया गया है…

बनते हैं पापा के भागीदार

गरुड़ पुराण के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति कोर्ट-कचहरी में अपराधी सिद्ध हो चुका है, उसके यहां कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से इंसान का पाप का भागीदार बनता है। साथ ही जिस वजह से वह अपराधी सिद्ध हुआ है, उसका असर हमारे जीवन पर पड़ता है।

इस तरह का पैसा सही नहीं

आज के दौर में काफी लोग ब्याज पर अपना पैसा दूसरों को देते हैं। लेकिन जो व्यक्ति दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाकर ज्यादा ब्याज लेता हो, उसके यहां कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए। पुराण के अनुसार, ऐसे व्यक्ति के यहां पानी भी नहीं पीना चाहिए। गलत तरीके से कमाया गया धन हमेशा अशुभ परिणाम देता है।

.

खत्म हो जाते हैं पुण्य कार्य

जो महिला अपनी इच्छा से शास्त्रों के अनुसार गलत कार्य करती है या फिर गलत रास्ते पर चलती है। उसके यहां भी भोजन कभी नहीं करना चाहिए। ऐसी महिला के यहां भोजन करने से मन दूषित होता है, जिससे आपके पुण्य कार्य खत्म हो जाते हैं।

बीमारी का हो सकते हैं शिकार

जो व्यक्ति महामारी या फिर अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उस व्यक्ति के यहां भी कभी भी भोजन नहीं करना चाहिए। ऐसी लंबी बीमारी से पीड़ित के पास कई खतरनाक कीटाणुओं का वास होता है इसलिए आप भी बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

इनको हमेशा करें दान

गरुण पुराण के अनुसार, कभी भी किन्नरों के यहां भोजन करने से बचना चाहिए क्योंकि इन लोगों को हमेशा अपनी क्षमता के हिसाब से दान देना चाहिए। इनको दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। किन्नरों के कई लोगों के यहां से दान मिलता है, जिसमें अच्छे व बूरे दोनो प्रकार के लोग होते हैं इसलिए इनके यहां भोजन करने से बचना चाहिए।

यह लेख मूल रूप से प्रकाशित किया गया था नवभारत टाइम्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

महालक्ष्मी व्रत का हुआ शुभारंभ, इस विधि से करें पूजा, धन-संपत्ति की होगी प्राप्ति

जानें कैसे काले रंग का धागा आपको बना सकता है मालामल, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा