शनि देव नाराज़ हैं तो उन्हें मानाने के लिए करें य यह काम, खुशियों से भर जाएगा जीवन

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार न्याय का देवता शनि देव को कहते हैं। ऐसा कहा जाता है कि व्यक्ति के कर्मों के हिसाब से शनि देव फल देते हैं। जिन व्यक्तियों पर बुरी नजर एक बार शनि देव की पड़ जाती है उन्हें कई परेशानियों का सामना जीवन भर करना पड़ता है। शनि देव की पूजा शनि देव के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए करनी चाहिए। धार्मिक शास्त्रों में कुछ बातें बताई गयीं हैं शनि देव की पूजा के दौरान विशेष तौर पर याद रखने की। चलिए आपको शनि देव की पूजा के कुछ खास नियमों के बारे में बताते हैं।

ऐसे माफ कर देते हैं शन‍िदेव पूर्वजन्‍मों के भी पाप

न्‍याय के देवता शन‍ि महाराज यूं तो कर्मों के आधार ही फल देते हैं। लेकिन उन्‍हें अत्‍यंत क्रोधी देवता भी माना गया है। जबक‍ि ज्‍योत‍िषशास्‍त्र की मानें तो शन‍ि देवता अत्‍यंत दयालु हैं। यद‍ि जातक सत्‍कर्म के मार्ग पर चले तो शन‍िदेव उसके ल‍िए पूर्वजन्‍म के पापों की पीड़ा भी कम कर देते हैं। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि देते हैं। तो आइए जानते हैं ये कौन से उपाय हैं जिन्‍हें करने से शन‍िदेव प्रसन्‍न होते हैं और जातक की झोली खुश‍ियों से भर देते हैं।

इन चीजों का दान करना होता है अत्‍यंत शुभ

ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार, अगर आपकी कुंडली में शन‍िदोष हो तो कपास की चीजों का दान करना चाहिए। यानी क‍ि रजाई और तक‍िया। मान्‍यता है क‍ि इनके दान से शन‍िदेव अत्‍यंत प्रसन्‍न हैं। लेकिन ध्‍यान रखें क‍ि दान हमेशा जरूरतमंद को ही दें अन्‍यथा इसका कोई फल नहीं म‍िलता। इसके अलावा शन‍िवार के द‍िन लोहे का दान करने से भी शन‍ि महाराज की कृपा म‍िलती है। मान्‍यता है ऐसा करने से जीवन की सभी दु:ख दूर हो जाते हैं।

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इस रंग का फूल भी दूर करता है सारे कष्‍ट

ज्‍योत‍िषशास्‍त्र के अनुसार, कुंडली में शन‍िदोष हो तो उसे दूर करने के ल‍िए शन‍िवार के द‍िन शन‍िदेव की नीले रंग के फूल से पूजा-अर्चना करें। उन्हें यह रंग अत्‍यंत प्रिय है इसलिए जो भी जातक शनिवार को दान-पुण्य करने के अलावा नीले रंग के फूल से शन‍िदेव की पूजा करता है उसपर वह अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं। इसके फलस्‍वरूप वह जातक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

ये कर्म बनाते हैं शन‍िदेव की कृपा का पात्र

जातक क‍ितना भी शन‍िदेव की पूजा कर ले लेकिन अगर वह मन में क‍िसी के प्रति गलत भाव रखता है शन‍िदेव उसे कभी क्षमा नहीं करते। कहा जाता है कि शन‍ि की पूजा भले ही न करें लेकिन कभी क‍िसी का अहित न सोचें, गलत विचार मन में ना लाएं और किसी को परेशान करने से भी बचें। जरूरतमंदों और द‍िव्‍यांगों की मदद करें। इन कर्मों से शन‍िदेव अत्‍यंत प्रसन्‍न होते हैं और जातक की मनोवांछित कामनाओं की पूर्ति करते हैं।

मन में हमेशा यह भाव रखें प्रबल

केवल शन‍िदोष की पीड़ा कम करने के आग्रह से ही नहीं बल्कि सामान्‍य द‍िनों में भी शन‍िदेव की पूजा करनी चाहिए। उन्‍हें जीवन में सुख-शांत‍ि देने के ल‍िए धन्‍यवाद देना चाहिए। साथ ही यह प्रार्थना करनी चाहिए कि वह अपनी कृपा ऐसे ही बनाए रखें और सभी बुरे कर्मों से दूर रखें। कभी समय खराब भी हो तो भी शन‍िदेव पर दृढ़ व‍िश्‍वास रखें क‍ि उनकी कृपा से सब अच्‍छा ही होगा। कहा जाता है क‍ि यह व‍िश्‍वास सभी दु:खों का अंत करता है।

यह लेख मूल रूप से प्रकाशित किया गया था नवभारतटाइम्स

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